UPRPA लोगोउत्तर प्रदेश राष्ट्र पशु अनुसंधान

पशु श्रेणी

भैंस

भैंस पालन मुख्यतः दूध उत्पादन और ग्रामीण डेयरी अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। नीचे 12 प्रमुख नस्लों की जानकारी दी गई है।

12 प्रमुख नस्लें

मुर्रा नस्ल की भैंस

नस्ल 1

मुर्रा

मुर्रा एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
हरियाणा, पंजाब और आसपास
जलवायु
गर्म जलवायु में भी अच्छी; गर्मी में पानी/कूलिंग आवश्यक
भोजन
हरा चारा, सूखा चारा, दाना, खनिज मिश्रण और पानी
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
गर्मी में ठंडक, स्वच्छ पानी और साफ आवास दें।
नीली-रावी नस्ल की भैंस

नस्ल 2

नीली-रावी

नीली-रावी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
पंजाब क्षेत्र
जलवायु
गर्म एवं समशीतोष्ण परिस्थितियों में पालन योग्य
भोजन
हरा चारा, सूखा चारा, दाना और पानी
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
स्वच्छता और गर्मी से बचाव जरूरी।
जाफराबादी नस्ल की भैंस

नस्ल 3

जाफराबादी

जाफराबादी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
गुजरात का सौराष्ट्र क्षेत्र
जलवायु
गर्म एवं शुष्क परिस्थितियों में अनुकूल
भोजन
हरा/सूखा चारा, दाना और पर्याप्त पानी
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
छाया, वेंटिलेशन और नियमित स्वास्थ्य देखभाल।
मेहसाणा नस्ल की भैंस

नस्ल 4

मेहसाणा

मेहसाणा एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
गुजरात का मेहसाणा क्षेत्र
जलवायु
गर्म जलवायु में अनुकूल
भोजन
हरा चारा, सूखा चारा और दाना
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
संतुलित राशन और पर्याप्त पानी आवश्यक।
सुरती नस्ल की भैंस

नस्ल 5

सुरती

सुरती एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
गुजरात का दक्षिण-मध्य क्षेत्र
जलवायु
गर्म एवं आर्द्र परिस्थितियों में उचित प्रबंधन के साथ
भोजन
हरा चारा, सूखा चारा और दाना
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
स्वच्छ और हवादार आवास रखें।
भदावरी नस्ल की भैंस

नस्ल 6

भदावरी

भदावरी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्र
जलवायु
गर्म मैदानी जलवायु में पालन योग्य
भोजन
चराई, हरा चारा, सूखा चारा और दाना
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
गर्मी में पानी और छाया दें।
नागपुरी नस्ल की भैंस

नस्ल 7

नागपुरी

नागपुरी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र
जलवायु
गर्म और अर्ध-शुष्क परिस्थितियों में अनुकूल
भोजन
चराई, हरा/सूखा चारा और पूरक दाना
मुख्य उपयोग
दूध एवं स्थानीय कृषि उपयोग
पालन एवं देखभाल
पानी और स्वच्छ आवास जरूरी।
पंढरपुरी नस्ल की भैंस

नस्ल 8

पंढरपुरी

पंढरपुरी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
महाराष्ट्र का पंढरपुर क्षेत्र
जलवायु
गर्म जलवायु के लिए अनुकूल
भोजन
हरा चारा, सूखा चारा, दाना और पानी
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
गर्मी में ठंडक की व्यवस्था उपयोगी।
टोड़ा नस्ल की भैंस

नस्ल 9

टोड़ा

टोड़ा एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
नीलगिरि क्षेत्र, तमिलनाडु
जलवायु
पहाड़ी और अपेक्षाकृत ठंडी जलवायु में अनुकूल
भोजन
चराई, घास और उपलब्ध चारा
मुख्य उपयोग
स्थानीय पालन और सांस्कृतिक/आर्थिक उपयोग
पालन एवं देखभाल
चराई क्षेत्र और स्वच्छ पानी उपलब्ध रखें।
कुंधी नस्ल की भैंस

नस्ल 10

कुंधी

कुंधी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
सिंधु नदी के आसपास के क्षेत्र में प्रचलित
जलवायु
गर्म परिस्थितियों में उचित प्रबंधन के साथ
भोजन
हरा/सूखा चारा और दाना
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
गर्मी से बचाव और स्वच्छता महत्वपूर्ण।
मराठवाड़ी नस्ल की भैंस

नस्ल 11

मराठवाड़ी

मराठवाड़ी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र
जलवायु
गर्म और अर्ध-शुष्क जलवायु में अनुकूल
भोजन
चराई, सूखा चारा, हरा चारा और दाना
मुख्य उपयोग
दूध तथा स्थानीय पालन
पालन एवं देखभाल
सूखे मौसम में पर्याप्त चारा-पानी रखें।
गोदावरी नस्ल की भैंस

नस्ल 12

गोदावरी

गोदावरी एक महत्वपूर्ण नस्ल है। इसका उपयोग क्षेत्र और पालन के उद्देश्य के अनुसार किया जाता है।

मूल / प्रचलित क्षेत्र
आंध्र प्रदेश/तेलंगाना के गोदावरी क्षेत्र में प्रचलित
जलवायु
गर्म जलवायु में पालन योग्य
भोजन
हरा चारा, सूखा चारा और पूरक आहार
मुख्य उपयोग
दूध उत्पादन
पालन एवं देखभाल
स्वच्छ पानी और गर्मी से बचाव आवश्यक।